Rajasthan Politics: राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर द्वारा प्रसूताओं को लेकर दिए गए बयान की कड़ी निंदा करते हुए इसे महिलाओं और मातृत्व शक्ति का अपमान बताया है. कांग्रेस नेता जूली ने कहा कि मंत्री का यह कहना कि "प्रसूताएं चलती आई हैं नाचते" बेहद असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाओं को इस तरह के तंज नहीं, बल्कि सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षित प्रसव और सम्मानजनक व्यवहार चाहिए. वही जूली ने आरोप लगाया कि प्रदेश के अस्पतालों की हालत बदतर होती जा रही है और प्रसूताओं को बुनियादी सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, जबकि स्वास्थ्य मंत्री अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं.
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भाजपा पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नेताओं द्वारा महिलाओं को लेकर विवादित टिप्पणियां करना कोई नई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि कुछ महीने पहले भाजपा विधायक बहादुर सिंह कोली ने बजट को लेकर लिंगभेदी टिप्पणी की थी, वहीं पिछले वर्ष भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ द्वारा एक महिला नेता को "एक्सपोर्ट क्वालिटी" कहने पर भी प्रदेशभर में विरोध हुआ था. जूली ने कहा कि भाजपा नेताओं की लगातार ऐसी टिप्पणियां यह दर्शाती हैं कि उनके मन में महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना नहीं है और उनकी सोच आज भी पिछड़ी मानसिकता से ग्रस्त है.
वही इस दौरान टीकाराम जूली ने जयपुर के महिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की आत्महत्या के मामले पर भी प्रदेश की भजनलाल सरकार को घेरा. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या है. टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार द्वारा संविदाकर्मियों के हित में बनाए गए नियमों को वर्तमान सरकार लागू नहीं कर रही है, जिसके कारण हजारों संविदाकर्मी असुरक्षा और बेरोजगारी की चिंता से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा कि अपनी नौकरी बचाने के लिए आंदोलन कर रहे नर्सिंगकर्मियों की पीड़ा को सरकार ने नजरअंदाज किया, जिसका दुखद परिणाम दीपक खारवाल की मौत के रूप में सामने आया है. साथ ही उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सरकार से संविदाकर्मियों की समस्याओं का तत्काल समाधान करने की मांग की.











