अफजल अंसारी की जीवनी (Afzal Ansari Biography in Hindi)
Afzal Ansari Latest News - अफजल अंसारी समाजवादी पार्टी (सपा) के एक कद्दावर नेता हैं. वह उत्तर प्रदेश विधानसभा में पांच बार विधायक रहने के बाद गाजीपुर से तीन बार सांसद भी रह चुके हैं. अस्सी के दशक में कम्युनिस्ट पार्टी से राजनीति में कदम रखने वाले अंसारी राज्य के बड़े आपराधिक छवि वाले नेता हैं. अंसारी पर नवंबर 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या और फिर वर्ष 1997 में वाराणसी के एक व्यापारी के अपहरण व बाद में हत्या के संबंध में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. इन्ही मामलों में सुनवाई के बाद कोर्ट ने मई 2023 को अंसारी को 4 साल की जेल की सुनाया था, जिसके बाद अंसारी को संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था. लेकिन दिसंबर 2023 को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उनका निलंबन रद्द करते हुए फिर से सदस्यता बहाल कर दी गई. वर्तमान में वह गाजीपुर सीट से सपा के सांसद हैं. इस लेख में हम आपको अफजल अंसारी के जीवन परिचय (Afzal Ansari Biography in Hindi) के बारें में जानकारी देने वाले है.
अफजल अंसारी जन्म और परिवार (Afzal Ansari Birth & Family)
अफजल अंसारी (Afzal Ansari) का जन्म 14 अगस्त 1953 को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के यूसुफपुर - मोहम्मदबाद कस्बे में हुआ था. उनके पिता का नाम स्वर्गीय सुभानउल्लाह अंसारी (Late Subhanullah Ansari) और माता का नाम स्वर्गीय बेगम राबिया (Late Rabiya Begum) हैं.
उनका विवाह 26 अक्टूबर 1991 को फरहत अंसारी (Farhat Ansari) से हुआ था. उन्हें तीन संतान है. तीनों बेटियां हैं. बेटे नही हैं.
अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी और उनके छोटे भाई मुख्तार अंसारी दोनों राजनीति में शामिल थे और अलग-अलग निर्वाचन क्षेत्रों में विधायक बने.
अफजल अंसारी सुन्नी मुस्लिम है और जाति से अंसारी हैं.
उनपर 5 आपराधिक मुकदमा दर्ज है. (स्रोत: myneta.info - 2024)
स्थायी पता : फाटक यूसुफपुर मोहम्मदाबाद, जिला. ग़ाज़ीपुर, उत्तर प्रदेश दूरभाष: (05493) 242208,242153
09415020279, फैक्स:(05493) 2205634
वर्तमान पता : 22, जनपथ, नई दिल्ली-110001
अफजल अंसारी की शिक्षा (Afzal Ansari Education)
अफजल अंसारी ने उत्तर प्रदेश, गाजीपुर के पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज से स्नातकोत्तर (M.A.) किया.
अफजल अंसारी राजनीतिक करियर (Afzal Ansari Political Career)
उत्तर प्रदेश के आपराधिक छवि वाले नेताओं की जब बात आती हैं, तब उस लिस्ट में एक नाम अफजल अंसारी का भी आता है. अफजल अंसारी राजनीतिक घराने से आते हैं. उनके पिता सुभानुल्लाह अंसारी मोहम्मदबाद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष थे जबकि उनके दादा मुख्तार अहमद अंसारी वर्ष 1926 से 1927 तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष रह चुके थे. अंसारी के दादा मुख्तार अहमद अंसारी की गिनती दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया के संस्थापकों में भी होती हैं. वही देश के पूर्व उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी, अफजल अंसारी के चचेरे भाई हैं.
राजनीतिक परिवेश में पले-बढे अफजल अंसारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत 1980 के दशक में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी से की थी. पहली बार उन्होंने वर्ष 1985 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के टिकट पर मोहम्मदबाद विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत गए. वर्ष 1985 से लेकर 2002 तक लगातार पांच कार्यकाल तक अंसारी ने मोहम्मदबाद विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए. अफजल अंसारी ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर वर्ष 2004 में हुए 14वीं लोकसभा के लिए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर सीट से आम चुनाव लड़ा और भारतीय जनता पार्टी के मनोज सिन्हा को 2,26,777 वोटों के अंतर से हराया. इसके बाद अफजल ने एक बार फिर से गाजीपुर से समाजवादी पार्टी (एसपी) के टिकट पर 2009 का आम चुनाव लड़ा लेकिन भारतीय जनता पार्टी के राधे मोहन सिंह से हार गए. इसी बीच अंसारी समाजवादी पार्टी छोड़कर कौमी एकता दल में शामिल हो गए. हालाकि बाद में यह पार्टी समाजवादी पार्टी में विलय हो गई.
अफजल अंसारी ने 2019 में हुए 17वीं लोकसभा में गाजीपुर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत गए. उन्हें कुल 5,67,082 मत प्राप्त हुए तो वही उनके प्रतिद्वंदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मनोज सिन्हा को 4,46,690 मत हासिल हुए. इस तरह उन्होंने अपने लोकसभा चुनाव को 1,20,392 मतों के अंतर से जीत लिया. इसके बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में अंसारी को इसी सीट से दोबारा जीत हासिल हुई. वर्तमान में, अफजल अंसारी गाजीपुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद हैं.
अफजल अंसारी पर आपराधिक मामले
अफजल अंसारी आपराधिक छवि के सांसद हैं. उनपर समय-समय पर कई संगीन अपराध के आरोप लगते रहे हैं. वर्ष 2005 में एक क्रिकेट टूर्नामेंट का उद्घाटन करने के बाद, भारतीय जनता पार्टी के विधायक कृष्णानंद राय के काफिले पर उस समय हमला किया गया जब वे घर लौट रहे थे. कृष्णानंद राय और उनके छह साथियों की AK-47 की गोलियों की अंधाधुंध फायरिंग के बाद मौत हो गई. अफजल अंसारी और मुख्तार अंसारी दोनों भाइयों पर नवंबर 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या और 1997 में वाराणसी के एक व्यापारी के अपहरण-हत्या के संबंध में गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था. 1 मई 2023 को अंसारी को चार साल की जेल की सजा सुनाए जाने के बाद संसद सदस्य के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था. लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने 15 दिसंबर 2023 को अंसारी का निलंबन रद्द करके उसे बरी कर दिया.
अफजल अंसारी की संपत्ति (Afzal Ansari Property)
2024 में लोकसभा चुनाव में दाखिल किये गए घोषणापत्र के अनुसार अफजल अंसारी की कुल संपत्ति 20.76 करोड़ रूपये हैं, जबकि उनपर कोई कर्ज नही है.
इस लेख में हमने आपको अफजल अंसारी जीवनी (Afzal Ansari Biography in Hindi) के बारे में जानकारी दी है. अगर आपका कोई सुझाव है तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं.












