जयपुर में पंचायती राज जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग होटल में बंद रहकर सरकार चलाते थे, वे आम लोगों की समस्याओं को कैसे समझ सकते हैं. मुख्यमंत्री ने यह टिप्पणी बिना किसी का नाम लिए की. तक्षशिला ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने रोजगार के क्षेत्र में सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि अब तक 1 लाख 94 हजार युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं, जबकि 1 लाख 22 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है.
गांवों के विकास पर मुख्यमंत्री का जोर
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है और गांव मजबूत होंगे तो विकसित भारत का संकल्प भी मजबूत होगा. उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं को ग्रामीण विकास और स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया.
मुख्यमंत्री ने पंचायती राज जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं. बैठक में ग्रामीण विकास, जनसेवा और पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा हुई.
नवाचार करने वाले जनप्रतिनिधियों का सम्मान
कार्यक्रम में अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य और नवाचार करने वाले पंचायती राज जनप्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया. सरपंचों ने स्वच्छता, बालिका शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण, पौधरोपण और सामुदायिक स्तर पर पारंपरिक त्योहारों के आयोजन सहित विभिन्न गतिविधियों की जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की.
‘सरपंच साहब’ की पहचान का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने सरपंचों की जिम्मेदारी और गांव के लोगों के साथ उनके सीधे जुड़ाव का भी उल्लेख किया. अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज भी जब वे अपने गांव जाते हैं तो लोग उन्हें मुख्यमंत्री के बजाय ‘सरपंच साहब’ कहकर संबोधित करते हैं.
उन्होंने कहा कि यह संबोधन पंचायत प्रतिनिधियों की स्थानीय स्तर पर बनी पहचान और ग्रामीण समाज के साथ उनके संबंध को दर्शाता है. कार्यक्रम में पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग के राज्य मंत्री ओटाराम देवासी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे.












